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दरà¥à¤¦ और सूजन को कम करने के लिठठंडी सिकाई करें या गरà¥à¤® सिकाई? जानें सही तरीका और बेहतर विकलà¥à¤ª
दरà¥à¤¦ और सूजन को खतà¥à¤® करने के लिठगरà¥à¤® और ठंडी सिकाई की सलाह दी जाती है लेकिन किस चोट और किस दरà¥à¤¦ को दूर करने के लिठकौन सी सिकाई की जाठइसको जानना बहà¥à¤¤ जरूरी है।
हमेशा से गà¥à¤® चोट लगने पर सिकाई करने की सलाह दी जाती है लेकिन अकà¥à¤¸à¤° लोग इस बात को लेकर असमंजस की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में रहते हैं कि सिकाई गरà¥à¤® पानी से करनी चाहिठया फिर ठंडे पानी से। हालांकि दोनों ही तरह की सिकाई चलन में हैं और दोनों के ही अलग-अलग काम है लेकिन कौन सी तकनीक जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ बेहतर है इस बात को लेकर लोगों के मन में अकà¥à¤¸à¤° दà¥à¤µà¤¿à¤§à¤¾ रहती है। दरà¥à¤¦ और सूजन को खतà¥à¤® करने के लिठगरà¥à¤® और ठंडी सिकाई की सलाह दी जाती है लेकिन किस चोट और किस दरà¥à¤¦ को दूर करने के लिठकौन सी सिकाई की जाठइसको जानना बहà¥à¤¤ जरूरी है। आइठदूर करते हैं आपकी ये दà¥à¤µà¤¿à¤§à¤¾à¥¤
गरà¥à¤® सिकाई किन रोगों में आती है काम
गरà¥à¤® सिकाई, जिसे हीट थेरेपी के रूप में à¤à¥€ जाना जाता है, पà¥à¤°à¤¾à¤¨à¥‡ से पà¥à¤°à¤¾à¤¨à¥‡ दरà¥à¤¦, जोड़ों के दरà¥à¤¦ और जकड़न को ठीक करने में इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² होती है। इन रोगों में पीड़ितों को किसी à¤à¥€ तरह के शारीरिक अà¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸ से पहले अकà¥à¤¸à¤° गरà¥à¤® पानी से नहाने की à¤à¥€ सलाह दी जाती है। à¤à¤¸à¤¾ करने से मांसपेशियों को à¤à¥€ आराम मिलता है। हालांकि जब à¤à¥€ किसी वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को गहरी चोट लगती है तो उस सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में हीट थेरेपी यानी की गरà¥à¤® सिकाई को न लेने की सलाह दी जाती है। गरà¥à¤® सिकाई से बà¥à¤²à¤¡ सरà¥à¤•à¥à¤²à¥‡à¤¶à¤¨ बहà¥à¤¤ तेजी से बढ़ जाता है और हमारे मसलà¥à¤¸ टिशू पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ होते हैं।
इन सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में लेनी चाहिठगरà¥à¤® सिकाई
1-दरà¥à¤¦
2-मोच
3- कà¥à¤°à¥‰à¤¨à¤¿à¤• ऑसà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¥‹à¤†à¤°à¥à¤¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸
4- टेंडन में कà¥à¤°à¥‹à¤¨à¤¿à¤• इरीटेशन और उनका कठोर हो जाना।
5- पीठके निचले हिसà¥à¤¸à¥‡ में दरà¥à¤¦
6-गरà¥à¤¦à¤¨ में दरà¥à¤¦
7-पीठकी चोट या दरà¥à¤¦
कब करनी होती है ठंडी सिकाई
ठंडे पानी से सिकाई या फिर बरà¥à¤« से सिकाई करने की सलाह चोट वाले हिसà¥à¤¸à¥‡ पर बà¥à¤²à¤¡ के बहाव को कम करने के लिठकी जाती है। à¤à¤¸à¤¾ करने से चोट वाली जगह पर सूजन और दरà¥à¤¦ को कम करने में मदद मिलती है। इतना ही नहीं ठंडे पानी या बरà¥à¤« से सिकाई करने पर डैमेज टिशूज को à¤à¥€ आराम मिलता है। ठंडे पानी या बरà¥à¤« से सिकाई सूजन और मांसपेशियों के दरà¥à¤¦à¤•ो दूर करने का à¤à¤• पारंपरिक उपचार है। हालांकि हमें कà¤à¥€ à¤à¥€ घाव पर सीधे बरà¥à¤« का उपयोग नहीं करना चाहिà¤à¥¤
किन सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में आराम पहà¥à¤‚चाती है ठंडे पानी से सिकाई
1-कà¥à¤°à¥‰à¤¨à¤¿à¤• ऑसà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¥‹à¤†à¤°à¥à¤¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸
2-हाल ही में लगी गà¥à¤® चोट
3-गठिया
4-दरà¥à¤¦
5-चलने-दौड़ने या फिर शारीरिक अà¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸ के दौरान टेंडन में जलन
कà¥à¤› जरूरी बातें
1-आइस पैक को à¤à¤• तौलिये में लपेट कर थोड़े समय के लिठदिन में कई बार चोट वाली जगह पर लगाà¤à¤‚।
2-20 मिनट से अधिक बरà¥à¤« से सिकाई न करें
3- जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ देर तक बरà¥à¤« से सिकाई करने पर तंतà¥à¤°à¤¿à¤•ा, सà¥à¤•िन और टिशà¥à¤¯à¥‚ को नà¥à¤•सान पहà¥à¤‚चता है।
4-हà¥à¤°à¤¦à¤¯ संबंधी रोगियों को ठंडे पानी या बरà¥à¤« से सिकाई नहीं करनी चाहिà¤à¥¤
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