ठंडी सिकाई कब की जाती है?HealthPlanet

Posted on Thu 1st Dec 2022 : 12:59

दर्द और सूजन को कम करने के लिए ठंडी सिकाई करें या गर्म सिकाई? जानें सही तरीका और बेहतर विकल्प

दर्द और सूजन को खत्म करने के लिए गर्म और ठंडी सिकाई की सलाह दी जाती है लेकिन किस चोट और किस दर्द को दूर करने के लिए कौन सी सिकाई की जाए इसको जानना बहुत जरूरी है।

हमेशा से गुम चोट लगने पर सिकाई करने की सलाह दी जाती है लेकिन अक्सर लोग इस बात को लेकर असमंजस की स्थिति में रहते हैं कि सिकाई गर्म पानी से करनी चाहिए या फिर ठंडे पानी से। हालांकि दोनों ही तरह की सिकाई चलन में हैं और दोनों के ही अलग-अलग काम है लेकिन कौन सी तकनीक ज्यादा बेहतर है इस बात को लेकर लोगों के मन में अक्सर दुविधा रहती है। दर्द और सूजन को खत्म करने के लिए गर्म और ठंडी सिकाई की सलाह दी जाती है लेकिन किस चोट और किस दर्द को दूर करने के लिए कौन सी सिकाई की जाए इसको जानना बहुत जरूरी है। आइए दूर करते हैं आपकी ये दुविधा।

गर्म सिकाई किन रोगों में आती है काम
गर्म सिकाई, जिसे हीट थेरेपी के रूप में भी जाना जाता है, पुराने से पुराने दर्द, जोड़ों के दर्द और जकड़न को ठीक करने में इस्तेमाल होती है। इन रोगों में पीड़ितों को किसी भी तरह के शारीरिक अभ्यास से पहले अक्सर गर्म पानी से नहाने की भी सलाह दी जाती है। ऐसा करने से मांसपेशियों को भी आराम मिलता है। हालांकि जब भी किसी व्यक्ति को गहरी चोट लगती है तो उस स्थिति में हीट थेरेपी यानी की गर्म सिकाई को न लेने की सलाह दी जाती है। गर्म सिकाई से ब्लड सर्कुलेशन बहुत तेजी से बढ़ जाता है और हमारे मसल्स टिशू प्रभावित होते हैं।
इन स्थितियों में लेनी चाहिए गर्म सिकाई

1-दर्द

2-मोच

3- क्रॉनिक ऑस्टियोआर्थराइटिस

4- टेंडन में क्रोनिक इरीटेशन और उनका कठोर हो जाना।

5- पीठ के निचले हिस्से में दर्द

6-गर्दन में दर्द

7-पीठ की चोट या दर्द
कब करनी होती है ठंडी सिकाई

ठंडे पानी से सिकाई या फिर बर्फ से सिकाई करने की सलाह चोट वाले हिस्से पर ब्लड के बहाव को कम करने के लिए की जाती है। ऐसा करने से चोट वाली जगह पर सूजन और दर्द को कम करने में मदद मिलती है। इतना ही नहीं ठंडे पानी या बर्फ से सिकाई करने पर डैमेज टिशूज को भी आराम मिलता है। ठंडे पानी या बर्फ से सिकाई सूजन और मांसपेशियों के दर्दको दूर करने का एक पारंपरिक उपचार है। हालांकि हमें कभी भी घाव पर सीधे बर्फ का उपयोग नहीं करना चाहिए।
किन स्थितियों में आराम पहुंचाती है ठंडे पानी से सिकाई

1-क्रॉनिक ऑस्टियोआर्थराइटिस

2-हाल ही में लगी गुम चोट

3-गठिया

4-दर्द

5-चलने-दौड़ने या फिर शारीरिक अभ्यास के दौरान टेंडन में जलन
कुछ जरूरी बातें

1-आइस पैक को एक तौलिये में लपेट कर थोड़े समय के लिए दिन में कई बार चोट वाली जगह पर लगाएं।

2-20 मिनट से अधिक बर्फ से सिकाई न करें

3- ज्यादा देर तक बर्फ से सिकाई करने पर तंत्रिका, स्किन और टिश्यू को नुकसान पहुंचता है।

4-ह्रदय संबंधी रोगियों को ठंडे पानी या बर्फ से सिकाई नहीं करनी चाहिए।

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